



पहले दो फोटो में आप देख रहे हैं शिव मूर्ति. बाद के दो फोटो में मूर्ति की हटा देने या तोड़ देने के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है.
ठण्ड ज्यादा होने के कारण, मैं पिछले कुछ दिनों से डीडीए डिस्ट्रिक्ट पार्क पश्चिम पुरी में घूमने नहीं जा पाया. आज गया तो एक अत्यंत दुखद स्थिति से सामना हुआ.
इस पार्क में एक स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित है. मैं पार्क में सबसे पहले वहां जाता हूँ, भोलेनाथ को प्रणाम करता हूँ, फिर पार्क में घूमता हूँ. आज जब मैं वहां पहुंचा तो आँखों को एक बड़ा झटका लगा. भोलेनाथ की मूर्ति गायब थी. जिस प्लेटफार्म पर यह मूर्ति स्थापित थी उसे तोड़ दिया गया था. मूर्ति का क्या हुआ, क्या उसे भी तोड़ दिया गया या वहां से हटा दिया गया, कुछ पता नहीं चल पाया? यह किस ने किया, क्यों किया, कुछ समझ नहीं आया. मन बहुत दुखी हो गया. यह सब करके किस के मन को सुख मिला?
भोलेनाथ की इस मूर्ति से किसी को क्या परेशानी हो सकती है? मूर्ति को किस लिए हटा दिया या तोड़ दिया गया?
सुबह कोहरा था, फिर भी मैंने कुछ फोटो खींचे. पहले भी मैंने मूर्ति के कुछ फोटो खींच रखे हैं. आप भी देखिये, फोटो खुद बोल रहे हैं.
6 comments:
What DDA gain by destroying Shiv Moorti and hurting feelings of park users?
I remember, 250 residents of Paschim Puri have given a represntation to DDA Vice-chairman through then MP, Mr Sajjan Kumar for improvng the sorry condition of the park. It is more than a year but DDA has not taken any action on that representation. Now they have destroyed a possible beauty spot and the moorti of Bhagwan Shiv.
मुझे बहुत दुःख हुआ यह देख कर कि डीडीए ने शिव मूर्ति को तोड़ दिया है. यह समझ में नहीं आ रहा कि इस मूर्ति से किसी को क्या तकलीफ हो रही थी. बड़ा अच्छा लगता था वहां जा कर, मन प्रसन्न हो जाता था भोले नाथ के दर्शन करके. यह ख़ुशी भी बर्दाश्त नहीं हुई कुछ लोगों को.
Why did they demolish the structure where Shiva idol was placed? I do not see any logical ground for this.
Why, I want to know why? Why destroy Shiv Moorti? Why hurt our feelings who will, while visiting the park, will pray before Lord Shiva?
Complaint should be made against DDA and they should be asked to restore the Shiv Moorti.
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